राजस्थान के टोंक जिले के आवां कस्बे में हर साल मकर संक्रांति के दिन एक परंपरागत खेल खेला जाता है. इस खेल के परिणाम से आने वाले साल में अकाल रहेगा या सुकाल का अंदाजा लगाया जाता है. आवां में करीब 80 किलो की फुटबॉल तैयार की जाती है और इसे दूनी दरवाजे व अखनिया दरवाजे की तरफ धकेलने की कोशिश की जाती है. फुटबॉल पत्थर, टाट व रस्सी से तैयार की जाती है. कहा जाता है कि उनियारा ठिकाने के राव राज सरदार सिंह प्रथम के समय फौज में भर्ती के लिए युवाओं का दमखम परखने के लिए इस परंपरा की शुरूआत की गई थी. इस खेल में 6 गावों के युवा भाग लेते हैं. जानकारों के अनुसार गोपाल चौक में खेले जाने वाले इस खेल में फुटबॉल अखनिया दरवाजे की तरफ जाए तो अकाल व दूनी दरवाजे की तरफ जाए तो सुकाल के संकेत मिलते हैं.from Latest News राजस्थान News18 हिंदी http://bit.ly/2FxqJRC
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